Thursday, August 27, 2020

संस्था को बनाने का उद्देश्य

माननीय संघ परिवार के सभी सदस्यों को सादर नमस्कार!!🙏

इस संस्था को बनाने का उद्देश्य था। अखंड भारत के समस्त क्षत्रिय कोलियों को एकजुट/संगठित करना और अपने कुल/वंश व पूर्वजों की प्रतिष्ठा को पुनः स्थापित करना था। किंतु हम विषय से भटक रहे हैं।

मैं पिछले करीब 6-7 सालो से यह कार्य कर रहा हूं, और 2 साल से हम यह पंजीकृत संस्था चला रहे हैं। शुरुआत में जब हम कोली क्षत्रिय या कोली राजपूत लिखते थे, तो विरोध करने वालों की गिनती नहीं थी। कुछ लोग तो मरने मारने पर उतारू हो जाते थे। धमकीया देते थे, गालियां देते थे। ऐसा भी समय आया है जब मुझे धमकियो की रोज सो-सो कॉल आती थी। हमारे क्षत्रिय/राजपूत होने में सबसे ज्यादा प्रॉब्लम गुजरात के क्षत्रियों को थी। मैंने अपना नंबर सार्वजनिक किया हुआ था, जिससे मुझे धमकियों की कॉल आती रहती थी। इस तरह का संघर्ष देश के कई राज्यों में बहुत से क्षत्रिय कोली कर रहे थे। उनमें से मैं भी एक था। धीरे धीरे सभी क्षत्रिय कोली सोच/विचारधारा के लोगो का आपस में संपर्क होने लगा। फिर उन सब को एक मंच पर लाने के सोच/विचार ने एक राष्ट्रीय स्तर की संस्था बनाने की प्रेरणा दी। मैने 8 राज्यों के क्षत्रिय कोलियों से बात की और सभी को संस्था बनाने के लिए राजी किया। यह शायद इतिहास में पहली बार ही हुआ है कि कोई राष्ट्रीय स्तर की संस्था फोन पर बात करके व व्हाट्सएप के माध्यम से बनाई गई हो। संस्था की पहली मीटिंग में ही संस्था के पंजीकरण संबंधी संवैधानिक डाक्यूमेंट्स पूरे किए गए थे। अर्थात केवल एक फिजिकल मीटिंग में इस संस्था का निर्माण हुआ। इसमें 8 राज्यों के क्षत्रिय कोली सम्मिलित हुए, और बहुत से क्षत्रिय कोली एक दूसरे से पहली बार मिले। संस्था के निर्माण के बाद हमने इसके माध्यम से अपनी बात समस्त क्षत्रिय कोली समाज को पहुंचाई, और कारवां बढ़ता गया। वर्तमान में अधिकतर भारत से क्षत्रिय कोली डायरेक्ट इनडायरेक्ट संस्था से जुड़े हुए हैं।

जब हमने उत्तराखंड में संस्था की पहली मीटिंग का आयोजन किया तो इस का घोर विरोध किया गया। उत्तराखंड के समस्त शासन प्रशासन से लेकर विधायकों और मुख्यमंत्री तक को इसके विरोध में शिकायत की गई।

संस्था के निर्माण के बाद हमने अन्य क्षत्रिय संस्थाओं से संपर्क करना शुरू कर दिया था। उनको अपने कुल वंश और इतिहास के बारे में जानकारी दी। बहुत से क्षत्रिय अचंभित होते थे, कि क्या कोली भी क्षत्रिय/राजपूत हैं। बहुत से क्षत्रिय/राजपूत तो साफ नकार देते थे। हमारे दृढ़ संकल्प ने उन्हें क्षत्रिय कोली के विषय में सोचनेेे पर मजबूर कर दिया। 

इसी बीच मेरा संपर्क माननीय कुंवर अजय सिंह जी के साथ हुआ। माननीय कुंवर अजय सिंह जी "अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा पंजीकृत" केेे राष्ट्रीय अध्यक्ष है। यह भारत की 1897 में पंजीकृत सबसे पुरानी क्षत्रिय संस्था है। माननीय कुंवर अजय सिंह जी मुझे पुत्र समान स्नेह करते हैं, और मैं भी उन्हें पिता तुल्य मानता हूं। उन्होंने मुझे और हमारी संस्था को बहुत सहयोग किया।

समस्त क्षत्रिय कोली समाज को माननीय कुंवर अजय सिंह जी का आभार व्यक्त करना चाहिए। क्योंकि वह प्रथम क्षत्रिय है, जिन्होंने पहली बार सार्वजनिक मंच पर समस्त क्षत्रियों के सामने हमें क्षत्रिय कोली राजपूत से संबोधित/सम्मानित किया। कुंवर अजय सिंह जी के प्रयास से ही हमें क्षत्रिय जन संसद में स्थान मिला। क्षत्रिय जन संसद में समस्त भारत के क्षत्रिय जुड़े हुए हैं, और इसमें करीब 50-60 राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय क्षत्रिय संस्थाएं सम्मिलित है। इसी के माध्यम से अन्य राज्यों के क्षत्रियों ने हमारे विषय में जाना।

इसके बाद हम सुखदेव सिंह गोगामेडी जी और अन्य क्षत्रियों के संपर्क में आए। मैंने सुखदेव सिंह गोगामेडी जी से क्षत्रिय कोलियों के विषय में बात की और उन्हें अपना इतिहास बताया। इसके बाद उन्होंने भी हमें क्षत्रियों के समान ही सम्मान दिया। अभी कुछ टाइम पहले करणी सेना के स्थापना दिवस पर हमें भी आमंत्रित किया गया। सभी क्षत्रियों के समान हमारा भी सम्मान किया गया।
इसी तरह अन्य संस्थाओं के पदाधिकारियों से भी बात की गई उन्होंने भी हमें क्षत्रियों के समान सम्मान दिया।

ऐसे ही अपने अपने स्तर पर काेलियों ने संघर्ष किया है, और वर्तमान में भी संघर्ष कर रहे हैं। पिछले कई दशकों से क्षत्रिय संघ सुंदरनगर हिमाचल और गढ़वाल राजपूत सभा उत्तराखंड भी क्षत्रिय कोलीयों के सम्मान के लिए प्रयासरत है। ऐसे ही और भी बहुत सारी संस्थाएं यह कार्य कर रही है।

यह सब कहने का, लिखने का अर्थ यह है कि अभी मंजिल बहुत दूर है। और हम विषय से भटक रहे हैं। और जो भी आज तक हमने प्राप्त किया है वह बहुत संघर्ष के बाद प्राप्त किया है। अब हम जिस स्थिति मैं है, उसको संभाल कर भी रखना है। किसी चीज को प्राप्त करने से मुश्किल उसको मेंटेन करना होता है। 

ये संस्था का ऑफिशियल ग्रुप है। इसमें सिर्फ और सिर्फ समस्त भारत के क्षत्रिय कॊलियों को कैसे एकजुट/संगठित किया जाए, समाज को आगे कैसे बढ़ाया जाए, समाज की उन्नति और विकास कैसे हो, सिर्फ इस विषय मैं चर्चा होनी चाहिए।

जो इस बात को गंभीरता से लें सिर्फ वही इस ग्रुप में रहे। कृपया फालतू की बातें वीडियो अन्य संस्थाओं के विषय में अन्य क्षत्रियों के विषय में बात ना करें। सिर्फ और सिर्फ क्षत्रिय कोली समाज के विषय में बात हो।

भवदीय
ठाकुर विजय सिंह
कार्यकारी अध्यक्ष
अखिल भारतीय क्षत्रिय कोली राजपूत संघ पंजीकृत दिल्ली

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